Low BP In Hindi | लो ब्लड प्रेशर के 12 बेस्ट इलाज और शुरुआती लक्षण इन हिंदी।

All Symptoms of Low BP In Hindi | लो ब्लड प्रेशर का इलाज इन हिंदी | Low BP in Hindi - लो ब्लड प्रेशर को हाइपोटेंशन के नाम से भी जाना जाता है। यह स्थति रक्त के प्रवाह में कमी की वजह से पैदा होती है।
रक्त का प्रवाह सामान्य से भी कम होने के कारण शरीर के कुछ जरूरी अंग जैसे हृदय, मस्तिष्क आदि को पूरी तरह रक्त नहीं मिल पाता। जिसकी वजह से संबंधित लक्षण दिखाई देते हैं।
यह स्थति रक्त संचरण में कमी के कारण पैदा होती है। जिससे रक्त का परिवहन करने वाली वाहिकाओं पर रक्त का दबाव कम बनता है। जिसे निम्न रक्तचाप या लो बीपी या लो ब्लड प्रेशर का नाम दिया है।
All Symptoms of Low BP In Hindi | लो ब्लड प्रेशर का इलाज इन हिंदी
सामान्य रूप से एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 120/80 होता है। जिसमें 120 डायस्टोलिक और 80 सिस्टोलिक होता है।
बीपी उम्र और स्थति के आधार पर अलग अलग हो सकती है। चक्कर आना और बेहोश हो जाना लो ब्लड प्रेशर के प्रमुख लक्षण हैं। आमतौर पर लो बीपी रक्त की कमी, हृदय में होने वाले रोग और दवाओं के कारण होता है। साथ ही बड़ती उम्र भी लो बीपी के लिए एक प्रमुख कारण हो सकता है।
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All Symptoms of Low BP In Hindi | लो ब्लड प्रेशर का इलाज इन हिंदी | Low BP in Hindi.

लो बीपी के लक्षण (symptoms of low BP in hindi) -

यह समस्या रक्तचाप द्वारा सभी जरूरी अंगों को अच्छे से रक्तापूर्ती ना कर पाने के कारण बनती है। जिससे उन अंगों की कार्य क्षमता कम पूरी तरह प्रभावित हो जाती है और एक गंभीर स्थति भी पैदा हो सकती है। 
लो ब्लड प्रेशर के लक्षण प्रभावित अंग की प्रभाविकता पर निर्भर करते हैं। जैसे यदि आपके मस्तिष्क में रक्त की आपूर्ति अच्छे से नहीं हो रही तो इससे संबंधित लक्षण दिखेंगें जैसे कि - चक्कर आना, बेहोशी की स्थति, दिखाने में धुंधलापन इत्यादि।
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लो बीपी के सामान्य लक्षण (symptoms of low BP in Hindi) -

सामान्य रूप से लो बीपी के रोगियों में कई सारे लक्षण दिखाई देते हैं जैसे कि -
  • खड़े होने पर चक्कर आना। 
  • अचानक से बेहोशी की स्थति का बनना। 
  • आँखों का लाल रहना। 
  • जरुरत से ज्यादा पसीना आना। 
  • अचानक से आँखों के आगे अँधेरा छा जाना। 
  • हाथ पैरों का ठंडा पड़ जाना। 
  • धुंधला दिखाई देना। 
  • नाड़ी की गति धीरे होना। 
  • हमेशा थकान रहना। 
  • चेहरे का फीका पड़ जाना। 
  • सिर दर्द की शिकायत रहना। 
ये सभी लक्षण लौ ब्लड प्रेशर के मरीज में दिखाई दे सकते हैं। इनके अलावा और भी कई लक्षण हो सकते हैं जो व्यक्ति की स्थति के आधार पर अलग अलग हो सकते हैं।
जैसे यदि किसी बीमारी की वजह से से ब्लड प्रेशर लौ हुआ है तो उससे सम्बंधित लक्षण ही देखेगें।
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लो ब्लड प्रेशर के कारण (causes and symptoms of low BP in hindi) -

निम्न रक्तचाप की समस्या के लिए कई सारे कारण जिम्मेदार हो सकते है जिनमें से जो कारण मुख्य रूप से पाए जाते है वह हैं -

रक्त की कमी -

लो ब्लड प्रेशर या निम्न रक्तचाप के लिए खून की कमी, एक बड़ा कारण माना जाता है। कई बार गहरी चोट की वजह से अधिक रक्त का निकाल जाना, सर्जरी होने पर रक्त निकालना, आदि कारणों की वजह से रक्त में कमी आ सकती है। जिसके कारण लो बीपी की समस्या खड़ी हो सकती है।

हृदय में होने वाली समस्याएं -

हृदय में होने वाली समस्याओं के कारण भी लो बीपी का सामना करना पड़ सकता है। जैसे कि हृदय का सही ढंग से कार्य ना कर पाना, वाल्व में होने वाली समस्याएं आदि।
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बड़ती उम्र -

यह समस्या पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में अधिक देखी जाती है। और बच्चों व वयस्क की अपेक्षा अधिक उम्र वाले लोगों को प्रभावित करती है।

गर्भावस्था -

प्रेग्नेंसी के कारण भी महिलाओ को लो बीपी या ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है। क्योंकि इस समय महिलाओ में रक्त का फैलाव अधिक होता है। जो गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए जरूरी है।
गर्भधारण के दौरान रक्तचाप में थोड़ी बहुत कमी जरूर आती है। लेकिन कुछ महिलाओ में यह कमी अधिक भी हो सकती है।

पोषक तत्वों की कमी -

बीपी का लो होना पोषक तत्वों की कमी के कारण भी हो सकता है। क्योंकि पोषक तत्व जैसे विटामिन्स, फोलिक एसिड, आयरन आदि की कमी से एनीमिया की स्थति का सामना करना पड़ सकता है। और एनीमिया वह स्थति होती है, जिससे शरीर में खून की कमी हो जाती है। जिसके कारण ब्लड प्रेशर स्वत ही कम हो जाता है।
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दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव के कारण -

कुछ दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव के कारण भी आपको निम्न रक्तचाप की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

हार्मोनल असंतुलन -

असंतुलित हार्मोन्स की वजह से भी आपको निम्न रक्तचाप की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। कई बार बहुत अधिक हार्मोन्स स्राव और और बहुत कम स्राव इस स्थति के लिए जिम्मेदार कारण बन सकते हैं।

लो ब्लड प्रेशर/बीपी का इलाज (low blood pressure ka desi ilaj in hindi/symptoms of low bp in hindi) -

लो ब्लड प्रेसर की समस्या को खत्म करने के लिए सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि बीपी लो किस वजह से हुआ है।
अगर आप इस कारण का पता लगा लेते हो तो आपको इसे उपचारित करने ज्यादा परेशानी नहीं होगी। जैसे कि कई बार आपको लो बीपी की समस्या किन्हीं दवाओं के कारण होती है। जो आपने किसी अन्य बीमारी के लिए शुरू की है।
इस स्थति में आपको जरूरत है कि या तो उन दवाओं में बदलाव करें, या उन्हें बंद कर दें। इसी प्रकार यदि आप इसके होने के कारणों से वाकिफ हैं। तो आप इसे आसानी से कंट्रोल कर सकते हो, इसके कारणों को खत्म करके।
यहां हम आपको कुछ आयुर्वेदिक और घरेलू उपचार बता रहे हैं। यदि आप इनका प्रयोग करते हो तो आसानी से किसी भी कारण से पैदा हुई लो बीपी की समस्या को आसानी से खत्म कर सकते हो।
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गुड और नींबू -

लो बीपी या निम्न रक्तचाप के लिए यह बहुत ही अच्छा घरेलू उपचार है। यदि आप चाहते हो कि आपका ब्लड प्रेशर हमेशा नॉर्मल रहे। तो आपको यह उपचार जरूर करना चाहिए।
इसके लिए आपको थोड़ा सा गुड़ लेना है, दो चम्मच नींबू का रस और एक चम्मच नींबू लेना है।
इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले आपको एक गिलास पानी लेना है और उसमे 20 से 25 ग्राम गुड़ मिला देना है। गुड़ अच्छे से मिलने के बाद इसमें 2 चम्मच नींबू का रस और एक चम्मच नमक मिला दें। 
बने इस पेय पदार्थ को आप रोज सुबह खाली पेट पिए। कुछ दिनों में आपका बीपी पहले कि तरह नॉर्मल रहने लगेगा। और धीरे धीरे यह समस्या जड़ से खत्म हो जाएगी।

मक्खन और काली मिर्च का करें प्रयोग -

कालीमिर्च और मक्खन का यह प्रयोग भी लो बीपी की बहुत ही अच्छी दवा है। जो आपके बीपी को हमेशा नॉर्मल रखता है।
इसे बनाने के लिए आपको थोड़ा सा ताजा मक्खन लेना है। साथ में दो चम्मच शहद या मिश्री का प्रयोग करें। और आधा चम्मच कालीमिर्च का पाउडर मिला दें। इन्हें अच्छे से मिलकर सुबह खाली पेट प्रयोग करें। इससे आपका लो बीपी बहुत जल्दी ठीक होगा।
ध्यान रहे इस घरेलू उपचार के बाद एक घंटे तक किसी भी प्रकार की कोई चीज नहीं खानी।
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किशमिश -

सौगी या किशमिश का यह प्रयोग भी लो बीपी के मरीजों के लिए एक बहुत ही अच्छी दवा है। यदि आप रोज किशमिश खाते हो, तो भी आपका बीपी या रक्तचाप सामान्य रहता है।
इस नुस्खे को तैयार करने के लिए आपको रात को सोते समय 20 से 30 किशमिश के दाने धो कर भिगो के रख देने हैं। सुबह उठ कर भिगोए हुए पानी को पिलें और जो किशमिश है उन्हें धई के साथ खाएं। 
ऐसा आप रोज सुबह खाली पेट करें और इसे ग्रहण करने के बाद 1 से 2 घंटे बाद तक ना तो कुछ खाएं और ना ही कुछ पिएं। इस बात का जरूर ध्यान रखें। कुछ दिनों में आपका निम्न रक्तचाप पूरी तरह सामान्य हो जाएगा।

आमलकी रसायन -

लो बीपी की समस्या के लिए आमलकी रसायन एक बहुत ही अच्छा समाधान है। अगर आप रोज रात को सोते समय आमलकी रसायन का प्रयोग करते हो तो लो बीपी की समस्या कुछ ही दिनों में आसानी से खत्म हो जाती है।
इसे प्रयोग करने के लिए एक चम्मच आमलकी रसायन और एक चम्मच शहद की जरूरत होगी। रात को सोते समय एक एक चम्मच शहद और आमलकी रसायन लें और इन्हे अच्छे से मिलाकर खा लें, और सो जाएं। इससे आपको बहुत जल्दी और जरूर फायदा मिलेगा।
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नमक का पानी -

लो ब्लड प्रेशर के लिए यह सबसे सस्ती और बहुत ही अच्छी दवा है। अगर आप रोज नमक का पानी बना कर पीते हो तो भी आपका बीपी नॉर्मल रहता है। अतः निम्न रक्तचाप वालों को नमक का पानी जरूर पीना चाहिए।

दूध और घी -

निम्न रक्तचाप के मरीजों के लिए दूध और घी भी एक बहुत ही अच्छा घरेलू उपाय है। इसके लिए आपको दूध और देसी गाय का घी लेना होगा। रात को सोते समय एक गिलास दूध में एक चम्मच देसी गाय का घी मिलाकर पिएं। इससे आपका बीपी कंट्रोल रहेगा और धीरे धीरे पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

बादाम रोगन -

लो ब्लड प्रेशर वाले मरीज के लिए बादाम रोगन भी एक बहुत ही अच्छा उपचार है। एक चम्मच बादाम रोगन का प्रयोग रात को सोते समय एक गिलास दूध के साथ करें।
यह लो ब्लड प्रेशर के लिए बहुत ही अच्छी दवा है। साथ में आप चाहे तो चंद्रप्रभावटी की एक गोली का भी प्रयोग कर सकते हो। इससे आपको जल्दी फायदा मिलेगा।
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आंवले का रस -

शहद और आंवले का रस भी निम्न रक्तचाप के रोगियों के लिए एक बहुत ही अच्छी दवा है। इससे आपका रक्तचाप हमेशा सामान्य रहता है और भविष्य में आपको ऐसी किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता।
इसके लिए आपको आंवले का पांच चम्मच रस और तीन चम्मच शहद आपस में मिक्स कर रोज सुबह खाली पेट खाना है।
इस बात का जरूर ध्यान रखें कि इस नुस्खे के बाद आपको 1 से 2 घंटे कुछ भी खाना - पीना नहीं है। नहीं तो जिस फायदे की आप अपेक्षा कर रहे हो वह आपको नहीं मिलेगा।

टमाटर और कालीमिर्च -

लो ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए कालीमिर्च और टमाटर का यह नुस्खा भी एक बहुत ही जबरदस्त नुस्खा है।
जिन लोगों को लो बीपी की समस्या है उन्हें हर रोज दिन में दो बार यह प्रयोग करना चाहिए।
इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले टमाटर को छोटे छोटे टुकड़ों में काटकर, थोड़े से पानी के साथ मिक्सर में चला कर छान लें।
अब इस निकाले गए रस में आधा चम्मच कालीमिर्च पाउडर और आधा चम्मच नमक मिलाकर पिएं। यह आप दिन में दो बार करें। इससे आपको बहुत जल्दी और बहुत ही अच्छा रिजल्ट मिलेगा।
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छाछ का प्रयोग -

अगर आप चाहते हो कि घरेलू नुस्खों से ही आपका लो बीपी ठीक हो जाए तो यह प्रयोग भी एक बहुत ही अच्छा उपचार है।
इसके प्रयोग से आप लो बीपी की समस्या को आसानी से ठीक कर सकते हो। इसके लिए आपको एक गिलास छाछ, एक चुटकी भुना हुआ पिसा जीरा, एक चुटकी हींग, और स्वादानुसार नमक लेना होगा। 
एक गिलास छाछ में इन सब को अच्छे से मिलाकर रोज दिन में दो से तीन बार पिएं।
इससे आपका रक्तचाप सामान्य रहेगा और धीरे धीरे रक्तचाप कम होने की समस्या बिल्कुल खत्म हो जाएगी।

दवाओं का इस्तेमाल -

एलोपैथिक दवाओ में लो ब्लड की कोई निश्चित दवा नहीं है, फिर भी चिकित्सकों द्वारा निम्न रक्तचाप वाले मरीज के लिए कई दवाएं दी जाती है। उनसे इसे अस्थाई रूप से कंट्रोल किया जा सकता है। इनमे से मीडोड़राइन (ऑर्वेटन) नामक दवा को सामान्य रूप से दिया जाता है। जो रक्त वाहिनियों के आकार को जितनी आवश्यकता होती है उस आधार पर संकरा कर देती है। जिससे रक्त का संचरण ठीक तरह से होता है।

प्राणायाम करें -

नियमित रूप से प्राणायाम करने वाले लोगों को कभी भी ब्लड प्रेशर और अन्य अनेकों तरह की बीमारियों का सामना नहीं करना पड़ता।
लो बीपी के लिए कई प्राणायाम लाभकारी हैं। लेकिन मुख्य रूप से कपालभांति, अनुलोम विलोम और भस्त्रिका प्राणायम को प्राथमिकता दी गई है।
यदि आप लो ब्लड प्रेशर की समस्या से परेशान हैं तो आपको ये तीनों प्राणायाम जरूर करने चाहिए।
यदि रोज आपके दिन की शुरुआत इन तीनों प्राणायाम से होती है। तो भविष्य में आपको कभी भी बहुत सी बीमारियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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निम्न रक्तचाप या लो बीपी से बचाव (prevention of low BP in hindi/symptoms of low bp in hindi -

  1. ज्यादा से ज्यादा फलों और सब्जियों के ज्यूस का नियमित रूप से सेवन करें। 
  2. पानी ज्यादा से ज्यादा पिएं ताकि निर्जलीकरण को रोका जा सके और ब्लड प्रेशर सामान्य रहे। 
  3. धूम्रपान और एल्कोहोल का प्रयोग कम से कम करें या बिल्कुल ना करें। 
  4. कोल्ड्रिंक्स, चाय, कॉफी आदि का सेवन बिल्कुल भी ना करें। 
  5. नियमित रूप से नमक के पानी का सेवन करें। 
  6. मोटे व दबाव वाले शॉक्स का प्रयोग करें। ताकि पैरों की सूजन को ठीक किया जा सके। और पैरों में खून के थक्के न बनें। 
  7. नियमित रूप से पूरे शरीर की मसाज करवाएं, ताकि रक्त का संचरण अच्छे से हो। 
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